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एक डॉलर में बिक गया था USSR के खिलाफ जंग छेड़ने वाला 'देश', आज नामोनिशान भी नहीं बचा

Edited By: Vineet Kumar Singh @VickyOnX Published : Feb 20, 2026 09:38 pm IST, Updated : Feb 20, 2026 09:38 pm IST

दुनिया के इतिहास में एक ऐसा भी 'देश' हुआ है जिसने खुलेआम सोवियत संघ के खिलाफ जंग का ऐलान कर दिया था, और इसके कुछ ही साल बाद सिर्फ एक डॉलर में बेच दिया गया। उस देश का नाम था आउटर बाल्डोनिया।

Outer Baldonia Story, Russell Arundel, country sold for one dollar- India TV Hindi
Image Source : PEXELS REPRESENTATIONAL आउटर बाल्डोनिया ने सोवियत संघ के खिलाफ जंग का ऐलान कर दिया था।

दुनिया के इतिहास में कई ऐसी कहानियां छिपी होती हैं, जिनके बारे में जानकर एक बार तो यकीन ही नहीं होता। कुछ ऐसी ही कहानी है कनाडा के पास मौजूद एक छोटे से द्वीप आउटर बाल्डोनिया की, जिसे एक शख्स ने अलग देश घोषित कर दिया था। यह द्वीप इतना छोटा था कि इसमें बस कुछ चट्टानें मौजूद थीं और थोड़े बहुत पंछियों का बसेरा था। रसेल आर्क्स नाम के एक अमेरिकी व्यक्ति ने इसे 1948 में एक डॉलर में खरीदा और खुद को इसका प्रिंस बना लिया। यह सब मजाक में शुरू हुआ था, लेकिन देखते ही देखते ये छोटा सा द्वीप दुनिया की नजरों में आ गया।

'देश' के लोगों के लिए बनाए गए थे मजेदार नियम

आउटर बाल्डोनिया नाम के इस 'देश' का अपना झंडा, राष्ट्रगान और यहां तक कि पासपोर्ट भी था। प्रिंस रसेल ने अपने देश के लोगों के लिए बड़े मजेदार नियम बनाए थे। यहां झूठ बोलने का पूरा अधिकार था, शराब पीना जायज था, जुआ खेलना आम बात थी और रात भर जागने पर कोई मनाही नहीं थी। रसेल ने दुनिया भर के लोगों को नागरिकता देने का ऐलान कर दिया और कई लोग मजाक-मजाक में शामिल भी हो गए। लेकिन असली मजा तब शुरू हुआ जब सोवियत संघ की एक अखबार ने इसकी आलोचना करते हुए लिखा कि यह पूंजीवादी दुनिया का मजाक है। बस, इसी बात से प्रिंस रसेल नाराज हो गए।

प्रिंस रसेल ने USSR के खिलाफ किया जंग का ऐलान

प्रिंस रसेल की नाराजगी इस हद तक बढ़ी कि उन्होंने सोवियत संघ पर युद्ध की घोषणा कर दी। यह 1950 के दशक की बात है, जब सोवियत संघ और अमेरिका के बीच शीत युद्ध का दौर चल रहा था। सोवियत संघ ने जंग के इस ऐलान को पूरी तरह नजरअंदाज कर दिया क्योंकि उन्हें लगा कि यह बस एक पागलपन है। लेकिन आउटर बाल्डोनिया की खबर दुनिया भर में फैल गई। लोग इस बात पर हैरानी जताते थे कि कैसे एक छोटा द्वीप बड़े देश को चुनौती दे रहा है। प्रिंस रसेल ने अपने 'देश' को और मजबूत बनाने की कोशिश की, लेकिन जल्द ही उनका जोश ठंडा पड़ गया।

और सिर्फ एक डॉलर में बिक गया आउटर बाल्डोनिया

1973 में उन्होंने आउटर बाल्डोनिया को बेच दिया, और वह भी सिर्फ एक कनाडियन डॉलर में! उनके इस 'देश' के खरीदार कुछ मछुआरे थे जो इसे पक्षी अभयारण्य बनाना चाहते थे। आज यह द्वीप कनाडा के नोवा स्कोटिया प्रांत में आता है और यहां जाने पर आपको सिर्फ पक्षी ही उड़ते हुए मिलेंगे। आउटर बाल्डोनिया नाम का यह 'देश' आज नहीं है, लेकिन इसकी कहानी जरूर हमेशा के लिए अमर हो गई है।

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